गुरुग्राम में पुलिस सुरक्षा हासिल करने और अपना रसूख दिखाने के लिए एक कांग्रेसी नेता द्वारा रची गई शातिर साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया ह...
गुरुग्राम में पुलिस सुरक्षा हासिल करने और अपना रसूख दिखाने के लिए एक कांग्रेसी नेता द्वारा रची गई शातिर साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि इस नेता ने खुद को अमेरिका में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर के नाम से जान से मारने और रंगदारी वसूलने की फर्जी धमकियां दिलवाई थीं।
जब यह करतूत पूरी तरह से उजागर हो गई, तो पुलिस ने पहले दर्ज किए गए मामले को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब आरोपी नेता के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने और सरकारी संसाधनों व सुरक्षा का दुरुपयोग करने के आरोप में नया आपराधिक मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
📅 बीते सितंबर माह में दर्ज कराई गई थी झूठी शिकायत
गुरुग्राम सेक्टर-5 निवासी और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (कांग्रेस) के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र मकड़ौला ने बीते 23 सितंबर को सेक्टर-5 थाने में एक सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई थी।
रंगदारी की धमकी: धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उन्हें अमेरिका के अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय नंबरों से गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नाम पर लगातार रंगदारी के लिए कॉल्स आ रहे हैं।
बड़ी मांग और धमकी: आरोपियों द्वारा उनसे 5 करोड़ रुपये की फिरौती या जमीन में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की जा रही थी। साथ ही मांग पूरी न होने पर उन्हें गोलियों से भूनने और घर को ग्रेनेड से उड़ाने की धमकियां दी जा रही थीं।
कांग्रेस नेता ने अपनी शिकायत में अपने ही व्यावसायिक साझेदारों (Business Partners) पर इस पर शक जताया था। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर धर्मेंद्र मकड़ौला को सरकारी पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी थी।
🔍 कॉल डिटेल और आईपी एड्रेस खंगालने पर सामने आया सच
पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीमों ने जब उन विदेशी नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आईपी एड्रेस की गहराई से जांच की, तो पूरी सच्चाई दूध के पानी की तरह अलग हो गई।
साजिश का राज: जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अमेरिका से धमकी भरा कॉल करने वाला युवक कोई और नहीं, बल्कि धर्मेंद्र के ही एक करीबी परिचित का बेटा है।
हाथ से लिखा नोट: कॉलर को जो धमकी भरी स्क्रिप्ट फोन पर बोलनी थी, वह पूरा नोट खुद धर्मेंद्र ने अपने हाथों से लिखकर अमेरिका भेजा था। पुलिस द्वारा कराई गई हैंडराइटिंग (लिखावट) की फोरेंसिक जांच में उस धमकी वाले नोट का मिलान सीधे तौर पर धर्मेंद्र मकड़ौला की वास्तविक लिखावट से हो गया।
⚡ एफआईआर रद्द कर आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू
पुलिस की गहन जांच और गवाहों के बयानों से यह पूरी तरह साफ हो गया कि धर्मेंद्र मकड़ौला ने समाज में अपना रसूख, वर्चस्व स्थापित करने और मुफ्त की सरकारी सुरक्षा पाने के लिए यह झूठा षड्यंत्र रचा था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तथ्य सामने आने के बाद पुरानी एफआईआर को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए जब मीडिया ने धर्मेंद्र मकड़ौला से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही किसी मैसेज का कोई जवाब दिया।

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