नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक आलोचना वाले वीडियो और अकाउंट्स हटाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्...
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक आलोचना वाले वीडियो और अकाउंट्स हटाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आरोप है कि इंस्टाग्राम पर बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो डिलीट किए जा रहे हैं, जिनमें केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की जाती है या मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा जाता है। इसके साथ ही कई अकाउंट्स पर भी रोक लगाए जाने के दावे किए गए हैं।
इस सेंसरशिप से बचने और इंस्टाग्राम के ऑटोमैटिक एल्गोरिदम को मात देने के लिए अब सीजेपी ने अपने समर्थकों को 'कोड वर्ड' में बातचीत करने का नया तरीका सिखाना शुरू कर दिया है, ताकि सरकार विरोधी या आलोचनात्मक वीडियोज डिलीट न हो सकें। सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने पीएम मोदी के लिए 'ओदी' और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए 'गुन्नू' शब्द इस्तेमाल करने की अपील की है।
🌐 जर्मनी से लौटे यूट्यूबर ध्रुव राठी की सलाह के बाद आया सीजेपी का नया प्लान
सीजेपी के नेताओं का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में उनके कई ऐसे पोस्ट हटा दिए गए हैं, जिनमें तीखे राजनीतिक सवाल उठाए गए थे। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे इस अभियान में सीजेपी का समर्थन करने के लिए जर्मनी से भारत तक का सफर तय करने वाले लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर कुछ ऐसे तरीके साझा किए थे, जिनके जरिए वीडियो हटाने वाले सोशल मीडिया एल्गोरिदम से बचा जा सकता है।
ध्रुव राठी के इन सुझावों के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कार्यकर्ताओं को और अधिक सतर्क करते हुए बकायदा 'कोड लैंग्वेज' की पूरी सूची जारी कर दी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार के लिए विशेष कूटशब्द तय किए गए हैं।
🗣️ 'हमें एल्गोरिदम को बेवकूफ बनाना होगा'— CJP नेता आशुतोष रांका
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आशुतोष रांका ने तीखे अंदाज में कहा कि पुलिस बल तैनात करने, मेट्रो और ट्रेनें बंद करने के बाद भी प्रशासन चैन से नहीं बैठा है, इसलिए अब सोशल मीडिया पर भी नकेल कसने की कोशिश की जा रही है।
तुलना करते हुए चेतावनी: रांका ने समर्थकों से कहा, "आप लोग कल्पना कीजिए कि आप 1945 के जर्मनी या 1935 के भारत में हैं, या उत्तर कोरिया जैसी जगह पर हैं। ऐसे हुक्मरानों और व्यवस्था से भिड़ने के लिए हमें पारंपरिक तरीकों के बजाय 'कोड लैंग्वेज' में बात करनी होगी।"
एल्गोरिदम को मात देने का तरीका: सीजेपी नेता ने निर्देश दिया कि अब से पीएम मोदी की तस्वीर के साथ 'ओदी जी', गृह मंत्री के लिए 'बीसीसीआई', और ज्ञानेश कुमार के लिए 'गुन्नू' शब्दों का प्रयोग किया जाए।
व्यंग्य का सहारा: उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गंभीर मुद्दों पर भी सीधे हमले के बजाय व्यंग्य (Sarcasm) का सहारा लें, ताकि एआई (AI) एल्गोरिदम उन्हें पकड़ न सके। रांका ने अंत में हौसला बढ़ाते हुए कहा, "थोड़े बहुत वीडियो उड़ने दीजिए, अकाउंट बंद होने दीजिए... ये लोग इंस्टाग्राम तो क्या, कहीं से भी हमारा हौसला नहीं मिटा सकते। लड़ेंगे, जीतेंगे, ना रुकेंगे, ना झुकेंगे।"

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