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Tis Hazari Court News: परी चौक से कश्मीरी गेट तक 47 किमी सफर के दौरान हुई थी वारदात, चालक और कंडक्टर पर शिकंजा

ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली स्लीपर बस में 17 साल की नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुल...

ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली स्लीपर बस में 17 साल की नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में करीब 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट सौंपी है, जिसमें कुल 50 अभियोजन गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. इसके साथ ही पुलिस ने घटना से जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी चार्जशीट का मुख्य हिस्सा बनाया है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है.

🛑 47 किलोमीटर के सफर के दौरान चलती बस में हुई थीवानियत, कश्मीरी गेट पर उतारा गया था पीड़िता को

यह सनसनीखेज घटना 4 अगस्त की है. पुलिस जांच के अनुसार, पीड़िता ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली जाने के लिए बस में सवार हुई थी. आरोप है कि बस के कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकत की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप किया. यह बस परी चौक से सेक्टर-63 होते हुए नोएडा और फिर दिल्ली की तरफ गई थी. करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बस कश्मीरी गेट ISBT पहुंची, जहां आरोपियों ने पीड़िता को नीचे उतार दिया और बस को तिमारपुर पार्किंग में खड़ा कर फरार हो गए.

🚨 मेट्रो थाने पहुंचकर पीड़िता ने दिखाई हिम्मत, सीसीटीवी फुटेज से हुई बस की पहचान

घटना के बाद डरी-सहमी नाबालिग ने अदम्य साहस दिखाते हुए कश्मीरी गेट मेट्रो पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उस संदिग्ध बस की पहचान की और पीड़िता के बयानों के आधार पर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता ने पुलिस के सामने आरोपियों की शिनाख्त भी की थी.

⚖️ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत कसता जा रहा शिकंजा

दिल्ली पुलिस ने इस जघन्य मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट तैयार की है. फॉरेंसिक साक्ष्यों और मजबूत गवाहों के आधार पर तैयार की गई इस 400 पन्नों की चार्जशीट से आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं. तीस हजारी कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.







 

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