दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर अब हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में एक बड़े सोलर प...
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर अब हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में एक बड़े सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी मिल गई है. इस प्लांट में तैयार होने वाली बिजली को पावर ग्रिड के माध्यम से सीधे गाजियाबाद और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के रिसीविंग सब-स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा. एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूएबल्स लिमिटेड द्वारा विकसित की जाने वाली यह महत्वपूर्ण परियोजना आगामी ढाई साल यानी वर्ष 2028 के आखिरी तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे कॉरिडोर की लगभग 60 प्रतिशत बिजली की आवश्यकता पूरी होगी.
🛤️ 2. दुहाई डिपो में शुरू हुई अनोखी 'सोलर ऑन ट्रैक' योजना, पटरियों के ऊपर लगाए गए विशेष सोलर पैनल
एनसीआरटीसी की ओर से नवाचार करते हुए दुहाई स्थित नमो भारत डिपो में 'सोलर ऑन ट्रैक' नाम से एक नई पायलट योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत डिपो की पटरियों (पिट व्हील ट्रैक) पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जहां लगभग 70 मीटर लंबे ट्रैक पर 550 वॉट पीक के 28 सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं. इस पूरे संयंत्र की कुल क्षमता 15.4 किलोवाट पीक है और इससे सालाना करीब 17,500 किलोवाट बिजली पैदा होने का अनुमान लगाया गया है, साथ ही भविष्य में इन ट्रेनों को पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित करने की भी तैयारी चल रही है.
🏢 3. कॉरिडोर के कई स्टेशनों पर पहले से स्थापित हैं रूफटॉप सोलर प्लांट, वर्ल्ड-क्लास कम्यूटर ट्रांजिट को मिल रहा बढ़ावा
वर्तमान में दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेरठ मेट्रो स्टेशनों को मिलाकर कुल 10 स्टेशनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट पहले से ही काम कर रहे हैं, जिनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर, शताब्दी नगर और मेरठ साउथ जैसे स्टेशन शामिल हैं, जबकि छह अन्य स्टेशनों पर भी ऐसे प्लांट लगाए जा रहे हैं. 160 किमी/घंटा की तेज रफ्तार और उच्च सुरक्षा मानकों के साथ विश्व स्तरीय कम्यूटर ट्रांजिट सर्विस देने वाला यह कॉरिडोर अब पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक मिसाल कायम कर रहा है.

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