Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Delhi High Court News: पूर्व जज यशवंत वर्मा के घर आग और कथित नगदी मिलने की जांच याचिका खारिज, कोर्ट ने लगाई फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को एक अहम याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है. इस याचिका में हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के सरकार...

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को एक अहम याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है. इस याचिका में हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने के बाद कथित तौर पर भारी मात्रा में नगदी मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और इसकी जांच एसआईटी (SIT) या सीबीआई (CBI) से कराने की मांग की गई थी. अदालत ने इस जनहित याचिका पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे 'वाइल्ड विच हंट' (जंगली शिकार) की संज्ञा दी और याचिकाकर्ता वकील से सवाल किया कि क्या उनके पास करने के लिए इससे बेहतर काम नहीं है.

🚫 2. अदालत ने याचिकाकर्ता वकील को लगाई फटकार, पूछा— प्राथमिकी के लिए सत्र अदालत क्यों नहीं गए?

सुनवाई के दौरान जस्टिस अमित बंसल की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील घनश्याम उपाध्याय के कानूनी अधिकार क्षेत्र पर गंभीर सवाल उठाए. पीठ ने पूछा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए वह सीधे उच्च न्यायालय क्यों आए और सत्र अदालत क्यों नहीं गए. इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह घटना अत्यंत असाधारण प्रकृति की है और निचली अदालत इसमें न्याय नहीं कर सकती, साथ ही क्रिमिनल लॉ कोई भी लागू कर सकता है. हालांकि, कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया. इससे पहले यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी खारिज हो चुकी है.

🔥 3. होली की रात घर में लगी थी आग, विवाद के बाद पूर्व जज ने इसी साल अप्रैल में दे दिया था इस्तीफा

यह पूरा विवाद 14 मार्च 2025 की रात को सामने आया था, जब होली के मौके पर लुटियंस दिल्ली स्थित न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर में अचानक आग लग गई थी, जिन्हें बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीमें पहुंची थीं. घटना के बाद घर से कथित तौर पर भारी मात्रा में नगदी मिलने की चर्चा ने बड़ा राजनीतिक और न्यायिक भूचाल ला दिया था. विवाद बढ़ने के बाद उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था और उन्होंने 9 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसके बाद लोकसभा द्वारा शुरू की गई निष्कासन (impeachment) की कार्यवाही भी समाप्त हो गई थी.







 

कोई टिप्पणी नहीं