उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन के भीतर बड़ा और कड़ा अनुशासना...
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन के भीतर बड़ा और कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है।
बसपा प्रमुख ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भविष्य में किसी भी स्थिति या कीमत पर उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि अशोक सिद्धार्थ बसपा के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक रहे हैं और बसपा के वर्तमान राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर हैं। इससे पहले वर्ष 2025 में भी मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था, हालांकि लगभग छह महीने बाद आकाश आनंद के साथ उन्हें भी चेतावनी देकर पुनः शामिल कर लिया गया था।
⚠️ कर्नाटक से लेकर बंगाल तक अनुशासनहीनता की शिकायतें: भ्रम फैलाने के आरोप में हुई कार्रवाई
मायावती ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण में प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल न रखने और निर्देशों के उल्लंघन के कारण अशोक सिद्धार्थ को पहले निकाला गया था। दोबारा वापसी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश से दूर कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
हालांकि, इन राज्यों में भी उनके खिलाफ लगातार अनुशासनहीनता और मनमानी की शिकायतें मिलती रहीं। मायावती के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर शनिवार को उन्हें सभी पदों से मुक्त किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में उनकी वापसी की झूठी अफवाहें फैलाकर पार्टी में भ्रम पैदा करने और 2027 के चुनाव अभियान को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, जिसके चलते उन्हें अब स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया है।
🔄 रणधीर सिंह बेनीवाल भी पार्टी से बाहर: सांसद रामजी गौतम को सौंपी गई पंजाब की कमान
मायावती ने अपने बयान में एक और बड़ा फैसला लेते हुए सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रणधीर बेनीवाल के पास पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का प्रभार था, लेकिन उन पर भी पार्टी निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे थे।
संगठन में किए गए इस बड़े फेरबदल के बाद, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ-साथ अब पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। रामजी गौतम आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
📢 अन्य राज्यों के प्रभारियों के लिए नीतिगत फैसला: मायावती ने कार्यकर्ताओं व मीडिया से की अपील
बसपा प्रमुख ने संगठन के संदर्भ में एक नया नीतिगत नियम भी स्पष्ट किया है। अब उत्तर प्रदेश का जो भी वरिष्ठ पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभालेगा, उसे उत्तर प्रदेश में कोई भी संगठनात्मक पद या जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
अपने संदेश के अंत में मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी विरोधी और भ्रम फैलाने वाले तत्वों के षड्यंत्र से पूरी तरह सतर्क रहें। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वे बिना पुष्टि के गलत और असत्य तथ्यों का प्रचार करने से बचें तथा विरोधी दलों के एजेंडे का माध्यम न बनें।

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