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Delhi MP MLA Court Order: '19 साल से पेंडिंग है केस', एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल का कड़ा रुख; जानें पूरा मामला

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने 19 साल से अधिक पुराने एक आपराधिक मामले की सुनवाई टालने का अनुरोध करने ...


नई दिल्ली: दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने 19 साल से अधिक पुराने एक आपराधिक मामले की सुनवाई टालने का अनुरोध करने पर एक पक्ष पर ₹10,000 का कास्ट (जुर्माना) ठोक दिया। हालांकि, जुर्माना लगाने के साथ ही कोर्ट ने शर्त के साथ सुनवाई टालने की इजाजत दे दी।

सुनवाई के दौरान एक प्रॉक्सी वकील ने अदालत के समक्ष यह कहते हुए तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी कि मुख्य वकील आज उपलब्ध नहीं हैं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि यह मामला 19 साल से भी ज्यादा पुराना है और आज की तारीख वकीलों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुत पहले तय की गई थी। फिर भी वकील उपस्थित नहीं हुए।

एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने ₹10,000 का जुर्माना जमा कराने का आदेश देते हुए सुनवाई टालने की स्वीकृति दी। यह मामला आरोपी मो. शमीम उर्फ शमीमुद्दीन, राजिंदर कुमार पिट्टी उर्फ राजू पिट्टी, प्रीतेश कुमार पिट्टी उर्फ गब्बू सुंदर लाल, सतवंत उर्फ संटू और मो. राशिद अली की ओर से चार्ज (आरोप तय करने) पर बहस के लिए सूचीबद्ध था।

📜 पूर्व सांसद बाबू भाई कटारा से जुड़ा है मामला: 2007 में क्राइम ब्रांच ने दर्ज की थी एफआईआर

यह पूरा मामला पूर्व सांसद बाबू भाई कटारा से जुड़े मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों के बहुचर्चित प्रकरण से संबंधित है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साल 2007 में इस सिलसिले में एफआईआर (FIR) दर्ज की थी।

जांच पूरी करने के बाद क्राइम ब्रांच ने आईपीसी (IPC) की धारा 419, 420, 466, 467, 471, 474, 120B और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, मामला दर्ज होने के 19 साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद यह केस अभी तक केवल चार्ज (आरोप) पर बहस के चरण में ही अटका हुआ है।

🗓️ 19 अगस्त तय की गई सुनवाई की अगली तारीख: जुर्माना राशि जमा करने के बाद मिली राहत

मामले की गंभीरता को देखते हुए ACJM नेहा मित्तल ने 31 जुलाई को अपना लिखित आदेश जारी करते हुए कहा कि न्याय प्रक्रिया में बेवजह हो रही देरी को देखते हुए अगली तारीख तक कोर्ट में ₹10,000 की जुर्माना राशि जमा करने की अनिवार्य शर्त पर ही सुनवाई टालने की अनुमति दी जाती है।

इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 अगस्त को सुबह 11:30 बजे का समय तय किया है।

👥 मामले में कुल 11 लोग बनाए गए हैं आरोपी: एक को सजा, तीन भगोड़ा घोषित और एक की हो चुकी है मौत

इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनकी वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  • सजा: आरोपी परमजीत कौर को 27 मार्च 2012 को कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है।

  • भगोड़ा (PO): दो आरोपियों कुलदीप सिंह और एजाज मोइनुद्दीन को 1 अगस्त 2012 को तथा किरण धर को 2 दिसंबर 2025 को भगोड़ा घोषित किया गया था।

  • मृत्यु: आरोपी जोगिंदर सिंह उर्फ मद्दी की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही 6 मई 2010 को समाप्त कर दी गई थी।

  • स्थायी छूट: मुख्य आरोपी पूर्व सांसद बाबू भाई कटारा को 5 अक्टूबर 2011 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट मिली हुई है।







 

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