झांसी में हुए एक सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद, उसे प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर...
झांसी में हुए एक सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद, उसे प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
इस दौरान जेल में बंद अतीक के दोनों बड़े भाई— उमर और अली अहमद भी कड़ी सुरक्षा के बीच अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। मस्जिद में जनाजे की नमाज अदा करने के बाद अबान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) भी करना पड़ा।
🚓 झांसी जेल से प्रयागराज लाया गया अली अहमद: पर्दों से ढकी गाड़ी में कसारी-मसारी पहुंचा काफिला
अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झांसी जिला कारागार में बंद अली अहमद को कोर्ट से पैरोल मिली थी:
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: अली अहमद को जिस वाहन से झांसी से प्रयागराज लाया गया, उसकी खिड़कियों पर पूरी तरह से पर्दे लगाए गए थे।
मीडिया से बनाई दूरी: पर्दे लगाने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गाड़ी के अंदर मौजूद अली का चेहरा बाहर न दिखे और वह रास्ते में मीडियाकर्मियों से कोई बातचीत न कर सके।
कसारी-मसारी में मौजूदगी: लखनऊ जेल से लाए गए बड़े भाई उमर के बाद अली अहमद का काफिला भी भारी पुलिस बल के साथ कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचा।
🚘 गाड़ी की खिड़कियों पर क्यों लगाए गए थे पर्दे? चर्चा का विषय बना पुलिस-प्रशासन का इंतजाम
झांसी से प्रयागराज तक के सफर के दौरान पुलिस वाहन की खिड़कियों पर लगे पर्दे लगातार चर्चा का विषय बने रहे:
प्रतिक्रिया लेने की कोशिश: मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने अली अहमद से बातचीत करने और उसकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, लेकिन पर्दों की वजह से उसका चेहरा तक कैमरों में नजर नहीं आया।
सुरक्षा व्यवस्था का हवाला: यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति, कानून-व्यवस्था की समस्या या अनहोनी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे।
🔒 प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार: सुरक्षा कारणों से दूर रखा गया मीडिया से
झांसी जिला जेल से पैरोल की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अली अहमद को प्रयागराज लाया गया:
सुरक्षा घेरा: प्रयागराज में अली की मौजूदगी और पैरोल की अवधि के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
वजह का सस्पेंस: हालांकि पुलिस या जेल प्रशासन की ओर से गाड़ी की खिड़कियों पर पर्दे ढंकने का कोई आधिकारिक कारण जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ही अली को मीडिया और भीड़ से पूरी तरह दूर रखा गया।

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