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ट्विशा शर्मा हत्याकांड: एम्स की नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी गई

  ट्विशा शर्मा हत्याकांड में कोर्ट के आदेश पर दूसरी पोस्टमार्टम करने वाले एम्स मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को सीलब...

 


ट्विशा शर्मा हत्याकांड में कोर्ट के आदेश पर दूसरी पोस्टमार्टम करने वाले एम्स मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है। इससे फांसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट को लेकर चल रहे फोरेंसिक विवाद का समाधान हो गया है। मुख्य फोरेंसिक विवाद यह था कि क्या फांसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट ही वास्तव में फांसी का जरिया थी और क्या यह ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले घावों से मेल खाती थी।

पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित नहीं हो सका क्योंकि पोस्टमार्टम के दौरान यह बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी। इसी वजह से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिल्ली स्थित एम्स मेडिकल बोर्ड को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने का आदेश दिया था। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच से पुष्टि हुई कि गला घोंटने में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट पर ट्विशा की त्वचा के ऊतक (skin tissue) मौजूद थे, जो चोट के पैटर्न से मेल खाते थे। हालांकि, बोर्ड की रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है। इसे कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपा गया है।

हाई कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम का आदेश दिया था

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रिट याचिका संख्या 19119/2026 में 22 मई को दिए अपने आदेश में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दोबारा पोस्टमार्टम करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए एम्स नई दिल्ली के निदेशक ने फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों को शामिल करते हुए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया। बोर्ड ने 24 मई को दोबारा पोस्टमार्टम किया और घटनास्थल का दौरा भी किया।

हर पहलू की जांच की

हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच एजेंसी को सौंपी जाए। इस आदेश का पालन करते हुए मेडिकल बोर्ड ने जांच के लिए 10 जुलाई को अपनी 11 पेज की मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी और इसकी जानकारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी दी गई। हाई कोर्ट के निर्देशों और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट का खुलासा न करते हुए एम्स में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले मामले के हर पहलू की जांच की।

सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी

डॉ. गुप्ता ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने मामले पर हर संभव नजरिए से बहुत बारीकी से विचार किया। लगभग एक महीने तक सभी उपलब्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स को ध्यान में रखा और वैज्ञानिक आधार के साथ विस्तृत राय दी है। सच्चाई और न्याय के हित में सीबीआई और न्यायपालिका के लिए यह बिल्कुल स्पष्ट राय है। उन्होंने इस बारे में और जानकारी देने से इनकार कर दिया। कहा कि कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी गई है।

एम्स की रिपोर्ट सबूत का अहम हिस्सा बनेगी

रिटायर्ड प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा इस साल की शुरुआत में भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। शुरुआती जांच और पोस्टमॉर्टम में खामियों का आरोप लगाते हुए उनके परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने एम्स नई दिल्ली से दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया। उम्मीद है कि एम्स की यह रिपोर्ट सीबीआई की जांच में फोरेंसिक सबूत का एक अहम हिस्सा बनेगी।








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