दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उससे अब रेखा गुप्ता सरकार कमाई करने जा रही है। भाजपा की ओर से 'श...
दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उससे अब रेखा गुप्ता सरकार कमाई करने जा रही है। भाजपा की ओर से 'शीशमहल' कहे जाने वाले '6 फ्लैग स्टाफ रोड' के बंगले से दिल्ली की सरकार राजस्व जुटाने का नया तरीका खोज चुकी है। बंगले को लेकर चुनाव से पहले काफी विवाद हुआ था और भाजपा ने आरोप लगाया था कि अरविंद केजरीवाल ने आलीशान बनाने के लिए गलत तरीके से इस बंगले पर करोड़ों रुपये खर्च किए। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल की ‘आम आदमी वाली छवि’ को तोड़ने के लिए इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया।
हाल ही में सूचना आई थी कि विवादित रहे बंगले को सरकार स्टेट गेस्ट हाउस बनाएगी, लेकिन अब इस पर दूसरा प्लान सामने आया है। दिल्ली सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग इसे किसी हॉस्पिटैलिटी ऑपरेटर को लीज पर दे सकता है। इसके अलावा सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम भी यहां हो सकेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी विभाग बंगले के पास बने दो मंजिला कैंप ऑफिस के अधूरे काम को भी पूरा करेगा। इसका इस्तेमाल सरकारी बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए किया जाएगा। जब सरकार को इसकी जरूरत नहीं होगी तो निजी कार्यक्रम भी हो सकेंगे। इस इमारत का निर्माण 2021-22 में हुआ था लेकिन 'शीशमहल' वाला विवाद उठने के बाद काम रुक गया था।
अभी खर्च कर रहे पैसा, तब होगी कमाई: प्रवेश वर्मा
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार हॉस्पिटैलिटी कंपनियों से पार्टनरशिप करने के विकल्प पर विचार कर रही है, जो इसका उचित प्रबंधन कर सके। वर्मा ने कहा, ‘हम स्थापित कंपनियों से पार्टनरशिप बनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि प्रॉपर्टी का इस्तेमाल पेशेवर ढंग से हो सके। अभी हम इसके रखरखाव पर काफी पैसा खर्च कर रहे हैं जो कि सरकार के लिए गैर जरूरी खर्च है। यदि इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए हो तो यह अच्छा विकल्प होगा।’
रेखा गुप्ता ने शीशमहल में रहने से कर दिया था इनकार
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि विभाग इस प्रॉपर्टी के लिए विस्तृत मॉडल बना रहा है। इस योजना के तहत सरकार बंगले को लग्जरी होटल्स का संचालन करने वाली किसी कंपनी को संचालन के लिए लीज पर दे सकती है। भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया था कि वह इस बंगले में नहीं रहेंगी और सरकार इसको लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इसे म्यूजियम बनाने की चर्चा भी हुई थी।

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