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दिल्ली मेट्रो में अब सुनाई देंगे ऑडियो विज्ञापन, DMRC की कमाई बढ़ाने की तैयारी

  दिल्ली मेट्रो में यात्रा पड़ावों को लेकर की जाने वाली घोषणाओं के बीच अब विज्ञापन भी सुनाई दे सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि डीएमआरसी ने ...

 


दिल्ली मेट्रो में यात्रा पड़ावों को लेकर की जाने वाली घोषणाओं के बीच अब विज्ञापन भी सुनाई दे सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि डीएमआरसी ने अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए रेड, येलो, ब्लू और मैजेंटा लाइनों पर मेट्रो ट्रेनों के अंदर ऑडियो विज्ञापन चलाने की योजना बनाई है। इस कदम का मकसद दिल्ली मेट्रो की टिकट बिक्री से होने वाली कमाई के अलावा आमदनी को बढ़ाने के साथ ही मेट्रो ट्रेनों को एक प्रीमियम विज्ञापन प्लेटफॉर्म के रूप में सामने लाना है।

अधिकारी ने बताया कि इस पहल के जरिए ऑडियो विज्ञापन के मामले में मेट्रो को दुनिया के प्रमुख ट्रांसपोर्ट सिस्टम में शुमार करना है। योजना को आगे बढ़ाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसमें एजेंसियों को रेड (लाइन 1), येलो (लाइन 2), ब्लू (लाइन 3) और मैजेंटा (लाइन 8) कॉरिडोर पर छह-छह ट्रेनों में ऑडियो विज्ञापन स्लॉट हासिल करने के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं।

अधिकारी ने बताया कि दिलशाद गार्डन और रिठाला को जोड़ने वाली रेड लाइन में सबसे अधिक कुल इन्वेंट्री 721 सेकंड है। इसके बाद द्वारका और यमुना बैंक के बीच ब्लू लाइन 634 सेकंड है। येलो लाइन में बिना रुकावट वाली विज्ञापन इन्वेंट्री 596 सेकंड के ऑडियो स्लॉट उपलब्ध हैं। जनकपुरी वेस्ट और बॉटनिकल गार्डन के बीच मैजेंटा लाइन में 300 सेकंड की इन्वेंट्री है।

कब और कैसे चलाए जाएंगे विज्ञापन?

अधिकारी ने बताया कि विज्ञापन केवल रेगुलर ऑपरेशनल एनाउंसमेंट के बीच के ही चलाए जाएंगे। यात्रियों को अगले स्टेशन और सुरक्षा संबंधी जानकारियों में कमी नहीं रखी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए विज्ञापनों के बीच पर्याप्त गैप रखना भी जरूरी होगा। इन पहलकदमियों के साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अपने इंटरनेशनल तरीकों का पालन करना जारी रखेगी। यात्रा जानकारी में रुकावट डाले बिना बिज्ञापनों का प्रसारण होगा।

मैनेज की जाएगी साउंड क्वालिटी, वॉल्यूम और फ्रीक्वेंसी

विज्ञापनों की साउंड क्वालिटी, वॉल्यूम और फ्रीक्वेंसी को भी मैनेज किया जाएगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट पर परीक्षण किया जा चुका है। DMRC की ओर से सबसे पहले दिसंबर 2023 में कश्मीरी गेट और बदरपुर के बीच वायलेट लाइन पर छह ट्रेनों में ऑडियो विज्ञापनों की शुरुआत हुई थी। अब डीएमआरसी इस मॉडल को अपने कई सबसे व्यस्त कॉरिडोर तक बढ़ाना चाहता है।

क्या काम करेगी एजेंसी?

निविदा के तहत चयनित एजेंसी उपलब्ध इन्वेंट्री की मार्केटिंग, स्टेशनों के बीच विज्ञापनों की शेड्यूलिंग के साथ ही कैंपेन से जुड़े आमदनी के रिकॉर्ड रखने के लिए जिम्मेदार होगी। एजेंसी क्लाइंट से विज्ञापन से होने वाली कमाई भी जमा करेगी। फिर डीएमआरसी का हिस्सा उसे ट्रांसफर करेगी। डीएमआरसी को विज्ञापनों से होने वाली कुल कमाई का 85 फीसदी हिस्सा मिलेगा। बाकी लाइसेंस लेने वाली कंपनी लेगी।

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