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अमर कॉलोनी रेप-मर्डर केस: दिल्ली पुलिस ने 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

  दिल्ली की अमर कॉलोनी में लगभग तीन महीने पहले हुए हाई प्रोफाइल रेप केस के सिलसिले में पुलिस ने 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पूरे ...

 


दिल्ली की अमर कॉलोनी में लगभग तीन महीने पहले हुए हाई प्रोफाइल रेप केस के सिलसिले में पुलिस ने 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पूरे शहर को झकझोर कर रख देने वाली इस वारदात के दौरान UPSC की तैयारी कर रही युवती के साथ रेप, हत्या व लूट को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह घटना 22 अप्रैल को ईस्ट ऑफ कैलाश के कैलाश हिल्स इलाके में हुई थी। पीड़ित युवती की पहचान इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारी की बेटी के रूप में हुई थी, जो कि UPSC की तैयारी कर रही थी। आरोपी युवक ने घर में घुसकर ना केवल उसके रेप किया था बल्कि उसकी हत्या करने के बाद लूटपाट भी की थी।

पुलिस ने बताया कि इस वारदात को 23 साल के राहुल कुमार मीणा ने अंजाम दिया था। CCTV फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की गई थी और कई पुलिस टीमों की लगातार कोशिशों के बाद उसी दिन उसे दबोच लिया गया था। साथ ही पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही लूटा गया सारा सामान भी बरामद कर लिया गया था। जांच और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 16 जुलाई को सक्षम अदालत में 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई 18 जुलाई को होनी है।

इतनी गहन जांच के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस

आरोपी के धरपकड़ की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि वारदात में शामिल आरोपी की तलाश के लिए जांचकर्ताओं ने CCTV फुटेज, DNA प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट जांच और अन्य फोरेंसिक सबूतों का सहारा लिया। इस दौरान घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद लोधी कॉलोनी स्थित सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) और रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से एक्सपर्ट टीमों को बुलाकर घटनास्थल की जांच करवाई गई, इसके अलावा आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए जांचकर्ताओं ने अपराध से पहले और बाद में 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज का भी विश्लेषण भी किया था।

सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर आरोपी का सुराग ढूंढा

पुलिस ने बताया कि आरोपी को दबोचने और उसे उसके किए की सजा दिलाने के लिए साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में कई टीमें बनाई गई थीं। टीमों ने बड़े पैमाने पर इलाके में पूछताछ की और पड़ोसियों, सिक्योरिटी गार्ड, घरेलू कामगारों, मजदूरों, ड्राइवरों, सफाईकर्मियों, ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों और इलाके में मौजूद दूसरे लोगों से सवाल-जवाब किए। पुलिस टीमों को सुरागों की पुष्टि करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भी भेजा गया।

अपराध का रिक्रिएशन किया, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कराई

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ताओं ने CFSL एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में घटनास्थल पर अपराध को फिर से दोहराया (रिक्रिएशन)। इस दौरान आरोपी के घर में घुसने, घूमने-फिरने और बाहर निकलने की सिलसिलेवार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई। चाल-ढाल के पैटर्न के विश्लेषण के लिए CCTV फुटेज और रिक्रिएशन वीडियो की भी जांच की गई।

पुलिस ने बताया कि CFSL एक्सपर्ट्स ने आरोपी का 'बिहेवियरल एनालिसिस इंटरव्यू' और 'लेयर्ड वॉयस एनालिसिस' (LVA) किया। घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट और हथेली के निशान आरोपी के निशानों से मेल खाते पाए गए।

तकनीकी जांच के भी सकारात्मक नतीजे मिले, फंस गया आरोपी

पुलिस ने बताया कि CFSL के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी डिवीजनों द्वारा सबूतों की फोरेंसिक जांच के भी सकारात्मक नतीजे मिले। साथ ही, DNA प्रोफाइलिंग में आरोपी का DNA जांच के दौरान इकट्ठा किए गए बायोलॉजिकल सबूतों से पूरी तरह मेल खा गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत बयान दर्ज किए गए और अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 82 गवाहों का जिक्र किया है।








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