करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई दल...
करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों से समर्थन मिल रहा है। लेकिन अभिजीत दीपके से सोनम वांगचुक तक मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गांधी की राह ताक रहे हैं। इस बीच दीपके का एक चार साल पुराना ट्वीट भी वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर टिप्पणी की थी। कई लोग अभिजीत को उनके पुराने विचार की याद दिलाकर सवाल कर रहे हैं।
यह पोस्ट ऐसे समय पर वायरल हुआ है, जब जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के नेता पहुंच रहे हैं, पर कांग्रेस का कोई बड़ा नेता वहां नजर नहीं आया है। खुद सोनम वांगचुक ने राहुल गांधी के आने की उम्मीद जाहिर की तो सीजेपी ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को जंतर-मंतर आने के लिए आमंत्रित किया है।
दीपके ने क्या कहा था तब?
अभिजीत दीपके ने 8 सितंबर 2022 को वह ट्वीट किया था जो अब सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। दीपके ने राहुल गांधी की यात्रा को लेकर एक पत्रकार के पोस्ट को शेयर करते हुए 'भारत जोड़ो यात्रा' का मजाक उड़ाने की कोशिश की थी। दीपके ने लिखा था, 'राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ट्रैवल ब्लॉग बनकर ही रह जाएगी।' रतलब है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने देश के एक कोने से दूसरे कोने तक इस यात्रा का आयोजन किया था। राहुल गांधी की यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होते हुए 3500 किलोमीटर तक चली थी।
क्या कह रहे हैं लोग
अब जैसे ही सीजेपी की ओर से इस बात की उम्मीद जताई जाने लगी कि राहुल गांधी उनके प्रदर्शन से जुड़ें, दीपके को उनका पुराना बयान याद दिलाए जाने लगा। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिजीत दीपके को उनके पोस्ट्स पर रिप्लाई सेक्शन में जाकर पुरानी बात का जिक्र किया है। एक यूजर ने लिखा, 'किसी की आलोचना करना तब तक आसान है जब तक आप खुद उसी स्थिति में नहीं आ जाते।' एक अन्य ने लिखा, 'राहुल गांधी से भूख हड़ताल में शामिल होने की अपील करने से पहले अपने आप से एक सवाल करिए, आप तब कहां थे जब वह भाजपा को चुनौती देते हुए भारत में 3750 किलोमीटर पैदल यात्रा कर रहे थे। जिन्होंने तब उनका मजाक उड़ाया था उन्हें अब समर्थन मांगने का कोई अधिकार नहीं है।
एक तीसरे शख्स ने कहा, 'कॉकरोच पार्टी के प्रमुख अब संभावित निराशाजनक अंत के लिए दोष राहुल गांधी पर मढ़ना चाहते हैं, क्योंकि वह वहां नहीं आए।' गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए सीजेपी ने जंतर-मंतर पर 20 जून को इस प्रदर्शन की शुरुआत की थी, जबकि 28 जून से सोनम वांगचुक इसी मंच पर अनशन कर रहे हैं। 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की अपील की गई है। इससे पहले गुरुवार शाम आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर जाएंगे।

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