गाजियाबाद/मोदीनगर, 28 जनवरी 2026 : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइंस के विरोध में सोमवार को तहसील म...

गाजियाबाद/मोदीनगर, 28 जनवरी 2026 : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइंस के विरोध में सोमवार को तहसील मोदीनगर में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से इन दिशानिर्देशों पर गहरी आपत्ति और चिंता व्यक्त की गई। ज्ञापन देने वालों का कहना है कि ये नई गाइडलाइंस उच्च शिक्षा की मूल भावना और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि UGC की नई गाइडलाइंस भारतीय संविधान में निहित समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) और योग्यता आधारित अवसरों के सिद्धांत के विपरीत हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यदि इन दिशानिर्देशों को लागू किया गया तो उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षकों की नियुक्ति और शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि समाज में असमानता और विभाजन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन सौंपने वालों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि वे ऐसी शिक्षा नीतियों की मांग कर रहे हैं जो सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करें और योग्यता, पारदर्शिता व निष्पक्षता को प्राथमिकता दें। समाजसेवी बीके शर्मा ने कहा कि वर्तमान गाइडलाइंस से शिक्षा का स्तर गिरने की आशंका है और इससे सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से UGC की नई गाइडलाइंस पर पुनर्विचार करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में प्राथमिक विद्यालय के ऋषि शर्मा, समाजसेवी बीके शर्मा, विजय शर्मा, बिट्टू शर्मा, सभासद प्रदीप शर्मा, विनीत शर्मा, सोमेश शर्मा, अभिषेक शर्मा, मोहित ठाकुर, अश्वनी त्यागी, पवन त्यागी, मनीष त्यागी सहित अन्य लोग शामिल रहे।




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