नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली, जिसका ...
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली, जिसका नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया।
इस विशाल यात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, बीजेपी के दिल्ली प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया सहित कई दिग्गज नेता प्रमुख रूप से शामिल हुए।
उधर, बीजेपी की इस पदयात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा तंज कसा है। इस दौरान CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस से सवाल पूछते हुए लिखा, "क्या कॉकरोच जनता पार्टी को भी इसी जगह पर इसी तरह की 'लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा' निकालने की अनुमति मिलेगी या फिर उससे कोई बॉन्ड साइन करवाया जाएगा?"
इसके अलावा, रांका ने अपनी एक अन्य पोस्ट में लिखा, "भाजपा ने 10 दिन पहले अनुमति के लिए आवेदन करने के बाद, तय किए गए तीन प्रदर्शन स्थलों में से एक पर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली के सभी व्यापारी खुश हैं।"
🏙️ चांदनी चौक के भीड़भरे व्यापारिक इलाकों से गुजरी पदयात्रा, रूट को लेकर उठे सवाल
CJP नेताओं द्वारा इस तरह तंजभरी पोस्ट शेयर करने के पीछे का कारण यह है कि बीजेपी की यह पदयात्रा ऐतिहासिक लाल किला चौक से शुरू होकर चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल चौक पर जाकर समाप्त हुई।
भीड़भाड़ वाले इलाके: यह यात्रा जिन मार्गों से होकर गुजरी, वे दिल्ली के बेहद घने और शुद्ध रूप से मुख्य व्यापारिक इलाके हैं।
अनुमति का कोई सबूत नहीं: CJP का आरोप है कि ना तो बीजेपी ने और ना ही दिल्ली पुलिस ने इस पदयात्रा के लिए 10 दिन पहले ली गई किसी अनुमति की जानकारी साझा की और ना ही इसका कोई आधिकारिक सबूत पेश किया।
तय स्थलों से अलग रूट: इसके अलावा, यह रैली दिल्ली पुलिस द्वारा विरोध-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित किए गए 3 चुनिंदा स्थानों से भी बाहर आयोजित की गई, जिसके चलते पुलिस के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
🏪 'क्या त्योहारों के दौरान व्यापार पर असर नहीं पड़ेगा?'— CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का सवाल
इसी कड़ी में बीजेपी की रैली का वीडियो शेयर करते हुए CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, "क्या यह आयोजन किसी तय विरोध स्थल पर हो रहा है? और त्योहारों के दौरान स्थानीय व्यापार पर जो असर पड़ेगा, उसका क्या?"
दीपके ने यह सवाल इसलिए उठाया क्योंकि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने विरोध जताया था और त्योहारी सीजन में व्यापारिक नुकसान का हवाला देते हुए कांग्रेस से रैली की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी।
📜 10 दिन पहले आवेदन न करने का हवाला देकर CJP को नहीं मिली थी अनुमति
उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने जब इसी महीने की 10 तारीख को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, तो दिल्ली पुलिस ने यह कहकर आवेदन खारिज कर दिया था कि पार्टी ने तय नियमों के तहत 10 दिन पहले आवेदन जमा नहीं किया था। इसके साथ ही, बाद में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्वीकृत स्थलों की सूची से ही बाहर कर दिया था।

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